डेली संवाद, चंडीगढ़। ED Raid: मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के दफ्तर में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई की सूचना सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, ED की टीमें तीन गाड़ियों में GMADA कार्यालय पहुंचीं और वहां दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। बताया जा रहा है कि कार्रवाई में जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली की टीमें शामिल हैं।
फिलहाल, इस कार्रवाई को लेकर ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए रेड के कारण और जांच के दायरे को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
CLU मामले से जुड़ी हो सकती है कार्रवाई
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ED पहले से ही GMADA क्षेत्र में Change of Land Use (CLU) से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। जांच में न्यू चंडीगढ़ स्थित Suntec City समेत कुछ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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हाल ही में ED ने कथित CLU अनियमितताओं से जुड़े मामलों में दो रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। 19 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, ED ने Altus Space Builders Pvt. Ltd. और Dhir Constructions से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए खरड़ अदालत का रुख किया था। मामला मुल्लांपुर, न्यू चंडीगढ़ में कथित फर्जी CLU से संबंधित बताया गया है।
Suntec City मामले में भी ED की जांच
Suntec City से जुड़े मामले में ED की जांच पहले भी सामने आ चुकी है। ED ने इस मामले में अजय सहगल को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि फर्जी सहमति पत्रों के इस्तेमाल के जरिए पंजाब सरकार से Suntec City प्रोजेक्ट के लिए CLU हासिल किया गया।
वहीं, हालिया रिपोर्टों के मुताबिक Suntec City और Altus Space Builders से जुड़े कथित मामले में 348 करोड़ रुपये के लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
GMADA से जुड़े दस्तावेजों की हो सकती है जांच
मंगलवार को GMADA कार्यालय में पहुंची ED टीमों द्वारा किन दस्तावेजों की जांच की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।
ED की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा कानूनों से जुड़े मामलों की जांच करती है तथा PMLA के तहत अपराध से प्राप्त संपत्तियों और लेनदेन की जांच कर सकती है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि GMADA दफ्तर में हुई इस कार्रवाई को लेकर ED की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन दस्तावेजों और प्रोजेक्टों को लेकर जांच की गई।