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Punjab News: पंजाब के मुलाजिमों को बड़ी राहत: 8% DA पर बनी सहमति, दो किस्तों में होगा भुगतान

पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित Dearness Allowance को लेकर सरकार और मुलाजिम संगठनों के बीच चल रहे विवाद में बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मुलाजिम नेताओं की बैठक के बाद सरकार ने 8 प्रतिशत DA जारी करने का ऐलान किया है।

Punjab News: पंजाब के मुलाजिमों को बड़ी राहत: 8% DA पर बनी सहमति, दो किस्तों में होगा भुगतान
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डेली संवाद, लुधियाना/चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित DA (Dearness Allowance) को लेकर सरकार और मुलाजिम संगठनों के बीच चल रहे विवाद में बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मुलाजिम नेताओं की बैठक के बाद सरकार ने 8 प्रतिशत DA जारी करने का ऐलान किया है। यह DA 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों में जारी किया जाएगा।

इसके बाद पंजाब के कर्मचारियों का DA 50 प्रतिशत हो जाएगा। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मुलाजिम नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच चल रहा गतिरोध टूट गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को विस्तार से सुना गया है और आगे भी बातचीत जारी रहेगी।

दो किस्तों में मिलेगा 8% DA

अमन अरोड़ा के अनुसार, पंजाब सरकार (Punjab Government) कर्मचारियों को 8 प्रतिशत DA देगी। इसकी दो किस्तें 4-4 प्रतिशत की होंगी।

उन्होंने बताया कि बढ़ा हुआ DA इसी महीने की सैलरी के साथ मिलने की बात कही गई है। सरकार के मुताबिक, 8 प्रतिशत DA देने से सरकारी खजाने पर करीब 248 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

CM भगवंत मान के साथ हुई मुलाजिम नेताओं की बैठक

बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री एवं पार्टी प्रधान अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर मौजूद रहीं।

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बैठक में सांझा फ्रंट ऑफ पेंशनर्स, संयुक्त मुलाजिम मंच, पंजाब सचिवालय एसोसिएशन और पंजाब सिविल सचिवालय ऑफिसर्स एसोसिएशन (Retd.) समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अमन अरोड़ा ने कहा कि करीब दो सप्ताह बाद मुख्यमंत्री के साथ दोबारा बैठक होगी और कर्मचारियों के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।

पहले जालंधर में नहीं हो पाई थी मुलाकात

इससे पहले जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान और मुलाजिम संगठनों के बीच बैठक नहीं हो सकी थी। मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर पहले हड़ताल खत्म करने और उसके बाद बातचीत करने की बात कही थी।

कर्मचारी नेता अपनी मांगों पर कायम रहे, जिसके बाद बैठक नहीं हो पाई थी। अब चंडीगढ़ में हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुला है।

क्या है DA का पूरा विवाद?

पंजाब के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से लंबित DA/DR की किस्तों और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था।

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और PSPCL को कर्मचारियों एवं पेंशनर्स की लंबित DA/DR किस्तें केंद्रीय सरकार के पैटर्न के अनुसार, पंजाब में कार्यरत IAS/IPS/IFS अधिकारियों को मिलने वाली दरों के समान जारी करने का निर्देश दिया था। अदालत ने भुगतान के लिए एक पखवाड़े की समयसीमा तय की थी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर बकाया राशि पर 6 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देना होगा।

सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए 1 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में तकनीकी खामियां बताई थीं और मामला अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुआ था।

इस बीच हाईकोर्ट में DA भुगतान को लेकर अनुपालन और अवमानना से जुड़े मामले भी सामने आए थे।

कर्मचारी संगठनों और सरकार के दावे अलग-अलग

DA एरियर की कुल राशि को लेकर कर्मचारी संगठनों और सरकार के दावे अलग रहे हैं। कर्मचारी संगठन करीब 14,200 करोड़ रुपये के बकाये की बात कहते रहे हैं।

दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि राज्य की आय बढ़ने के बावजूद वेतन, पेंशन, ब्याज और कर्ज समेत कई अन्य वित्तीय देनदारियां हैं। हाल की रिपोर्टों में भी दोनों पक्षों के इन अलग-अलग तर्कों का उल्लेख हुआ है।

अब आगे क्या होगा?

8 प्रतिशत DA की घोषणा के बाद कर्मचारियों को लंबित DA के मुद्दे पर राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक, 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों के जरिए DA बढ़ाया जाएगा और कर्मचारियों के अन्य लंबित मुद्दों पर भी अगले दौर की बैठक में चर्चा होगी।