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DMK vs Rahul Gandhi: राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर DMK ने बदला स्टैंड, कल नाराजगी; आज समर्थन में खड़ी हुई पार्टी

तमिलनाडु में SIR को लेकर DMK और राहुल गांधी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। DMK ने राहुल गांधी से तमिलनाडु में कथित मतदाता नाम कटने के मुद्दे पर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा है।

DMK vs Rahul Gandhi: राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर DMK ने बदला स्टैंड, कल नाराजगी; आज समर्थन में खड़ी हुई पार्टी
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डेली संवाद, चन्नई। DMK vs Rahul Gandhi: तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और DMK के बीच जारी खींचतान एक बार फिर चर्चा में है। मंगलवार को DMK ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से तमिलनाडु में Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा था।

यह सवाल उस समय उठाया गया, जब राहुल गांधी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि तमिलनाडु में SIR से जुड़े कथित मतदाता नाम हटाए जाने पर राहुल गांधी का क्या रुख है।

राहुल गांधी के प्रदर्शन के बीच DMK का हमला

उन्होंने यह भी सवाल किया कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस रुख का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं, जिसमें SIR के बाद हुए चुनावों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च किया था। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध कर रहे हैं।

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प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कुछ विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था। इसी दौरान DMK की ओर से राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाए गए। इससे कांग्रेस और DMK के बीच पहले से चल रही राजनीतिक दूरी एक बार फिर सामने आई।

कांग्रेस और DMK के रिश्तों में पहले से तनाव

तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK के राजनीतिक रिश्तों में हालिया बदलाव के बाद दोनों दलों के बीच दूरी बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक, DMK ने पिछले सप्ताह INDIA ब्लॉक की उस बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था, जिसमें चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ प्रस्तावित विरोध की रणनीति पर चर्चा होनी थी। हालांकि, DMK ने SIR के मुद्दे पर विपक्ष की चिंता से खुद को अलग नहीं किया है।

SIR बना विपक्षी राजनीति का बड़ा मुद्दा

SIR को लेकर विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं और इससे वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी SIR को मतदाता सूची के सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया के तौर पर देखते हैं।

ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है। फिलहाल DMK और राहुल गांधी के बीच SIR को लेकर सामने आए बयानों ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के रुख पर नजर रहेगी।