डेली संवाद, नई दिल्ली।
CBSE OSM Mews: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने मंगलवार को CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। साथ ही OSM सर्विस से जुड़े टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरमैन और वरुण भारद्वाज को नया सचिव नियुक्त किया है। यह फैसला OSM प्रणाली को लेकर उठे सवालों और छात्रों की शिकायतों के बीच लिया गया है। इस मामले में एक अहम घटनाक्रम तब सामने आया जब OSM प्रणाली में कथित गड़बड़ियों का खुलासा करने वाले कक्षा 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत को संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया।
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साइबर अटैक की कोशिश
जानकारी के मुताबिक दोपहर 1 बजे हुई इस सुनवाई में सार्थक सिद्धांत ने अपनी बात रखी। यह पहली बार माना जा रहा है कि किसी शिक्षा संबंधी मामले में एक छात्र को सीधे संसदीय समिति के समक्ष बुलाया गया हो। इधर, CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर भी साइबर अटैक की कोशिश हुई।
बोर्ड के अनुसार, मात्र दो मिनट के भीतर करीब 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट दर्ज किए गए, जबकि 1 लाख से अधिक बार सिस्टम की फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश की गई। हालांकि तकनीकी टीम ने स्थिति को संभाल लिया और पोर्टल सामान्य रूप से काम करता रहा।
री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन
CBSE ने बताया कि दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से अधिक छात्र री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर चुके थे। गौरतलब है कि 13 मई को घोषित 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में पहली बार OSM प्रणाली के तहत कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था। रिजल्ट के बाद कई छात्रों ने अंकों को लेकर आपत्ति जताई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।