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FBI Action: कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, अमेरिका-कनाडा-यूरोप में 24 गिरफ्तार, पंजाब पुलिस का सीनियर अफसर गैंग में शामिल

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डेली संवाद, नई दिल्ली। FBI Takes Major Action Against Lawrence Bishnoi-Goldy Brar Network: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने भारत से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त अभियान चलाकर 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 37 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इस कार्रवाई में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया समेत कई नामों को जांच के दायरे में बताया गया है। अमेरिकी फेडरल अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत की गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में ड्रग तस्करी, वसूली, टारगेट किलिंग और हथियारों से जुड़े अपराधों में सक्रिय था। एजेंसियों ने करीब 50 ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और दर्जनों हथियार बरामद करने का दावा किया है। [caption id="attachment_11520" align="aligncenter" width="1200"] lawrence-bishnoi lawrence-bishnoi[/caption]

लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर गंभीर आरोप

एफबीआई की ओर से दाखिल आरोप पत्र में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड की कथित साजिश से जोड़ने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस मामले में भूमिका निभाई। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यदि आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 10-10 साल तक की सजा हो सकती है। मामले में रोहित गोदारा और नेटवर्क के अन्य कथित सहयोगियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।

जेल से नेटवर्क चलाने का आरोप

आरोप पत्र में दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। एजेंसियों का आरोप है कि उसके सहयोगी भारत, अमेरिका, कनाडा और यूरोप में कथित रूप से टारगेट किलिंग, ड्रग तस्करी और जबरन वसूली जैसी वारदातों को अंजाम देते थे।

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अमेरिकी फेडरल सरकार और लॉस एंजेल्स डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत आधारित इस कथित संगठित अपराध नेटवर्क की कई वर्षों से अंतरमहाद्वीपीय जांच की जा रही थी। जांच में यह भी दावा किया गया कि नॉर्थ अमेरिका में कथित ऑपरेशन गोल्डी बराड़ संभाल रहा था, जबकि यूरोप में रोहित गोदारा की भूमिका बताई गई। [caption id="attachment_8217" align="aligncenter" width="1200"] gangster-jaggu gangster-jaggu[/caption]

जग्गू भगवानपुरिया पर भी ड्रग तस्करी के आरोप

एफबीआई की जांच में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का नाम भी शामिल किया गया है। अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि उसका नेटवर्क ड्रग ट्रैफिकिंग और नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, यह कथित नेटवर्क सिख समुदाय के कुछ लोगों से वसूली, धमकी और आपराधिक गतिविधियों में भी सक्रिय था। जांच एजेंसियों ने भारत के कुछ कथित भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के इस्तेमाल का भी दावा किया है। आरोप है कि पंजाब के एक सक्रिय पुलिस अधिकारी की मदद से कैलिफोर्निया में रहने वाले एक व्यक्ति से 4 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी गई। कथित तौर पर पीड़ित के पंजाब में रह रहे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी।

गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम

एफबीआई ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी या उसके बारे में अहम जानकारी देने वाले के लिए 50 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा करने की बात कही है। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और मामले में कथित रूप से मदद करने वाले अन्य लोगों के प्रत्यर्पण की मांग की जा सकती है। कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस यानी RCMP ने भी इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम बताया है। अब नजर भारत सरकार की संभावित प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी है।