डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई वाले असंतुष्ट नेताओं के गुट ने चंडीगढ़ में बैठक की। यह बैठक कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के साथ हुई, जिसमें पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक का समय सुबह 11 बजे तय किया गया था, लेकिन भूपेश बघेल करीब सवा घंटे की देरी से पहुंचे। बैठक से पहले चरणजीत चन्नी ने मीडिया से कहा कि वे अंदर जाकर नेताओं से बातचीत करेंगे और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। उनके बयान से संकेत मिले कि गुट अपने भविष्य के कदमों को लेकर इंतजार की नीति अपना रहा है।
बड़ी संख्या में उनके समर्थक नेता बैठक स्थल पर पहुंचे
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी को कुछ चुनिंदा नेताओं के साथ बातचीत के लिए कहा था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में उनके समर्थक नेता बैठक स्थल पर पहुंचे। इसे चन्नी गुट के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठक से पहले चन्नी समर्थक नेताओं ने मांग उठाई कि अगर चरणजीत चन्नी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं दी जाती, तो उन्हें 2027 विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए। उनका तर्क है कि पार्टी को चुनाव में किसी एक चेहरे के साथ मैदान में उतरना चाहिए।
हाईकमान ने किया साफ
वहीं कांग्रेस हाईकमान पहले ही साफ कर चुका है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से नहीं हटाया जाएगा। इसी वजह से चन्नी गुट और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद बढ़े हैं। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को शामिल नहीं किया गया।
इस बीच राजा वड़िंग ने कहा कि वे बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन में महासचिव और प्रभारी स्तर के नेता भी बातचीत कर सकते हैं और हर बैठक में अध्यक्ष का मौजूद होना जरूरी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में एकता है और इसी वजह से बातचीत का रास्ता अपनाया जा रहा है।
चन्नी और बघेल की मुलाकात के पीछे की वजह
बताया जा रहा है कि चन्नी गुट राजा वड़िंग के नेतृत्व में 2027 का चुनाव लड़ने को लेकर सहमत नहीं है। इसी नाराजगी के चलते चन्नी ने पहले पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से दूरी बना ली थी और राहुल गांधी से सीधे मुलाकात की इच्छा जताई थी। हालांकि बाद में हाईकमान के निर्देश पर बघेल और चन्नी के बीच बातचीत तय हुई।
बैठक के बाद भूपेश बघेल अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सौंपेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब कांग्रेस के प्रमुख दलित-सिख चेहरों में शामिल हैं, इसलिए पार्टी उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकती।