डेली संवाद, चंडीगढ़/अमृतसर।
Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर (Amritsar) ने दो नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर तीन व्यक्तियों को 13 किलोग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया है।
यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव (DGP Gaurav Yadav) ने दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अकाशदीप सिंह निवासी खेमकरण (तरन तारन), जो वर्तमान में खेराबाद, अमृतसर में रह रहा था, तथा मंगल सिंह और बलजीत सिंह, दोनों निवासी गांव भोडीवाला, जिला मोगा, के रूप में हुई है।
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DGP Gaurav Yadav[/caption]
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हुई
पुलिस टीमों ने मादक पदार्थ की बरामदगी के अलावा आरोपियों द्वारा नशा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई वर्ना कार (पंजीकरण संख्या यूपी-14-डीएल-0324) भी जब्त कर ली है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विभिन्न स्थानों से हेरोइन की खेप प्राप्त कर उसे पूरे पंजाब में अलग-अलग पार्टियों तक पहुंचाते थे।
पहले ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सीआई अमृतसर की पुलिस टीमों को पुख्ता सूचना मिली थी कि संदिग्ध अकाशदीप के पास हेरोइन की बड़ी खेप पहुंची है। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने खेराबाद, अमृतसर स्थित उसके घर पर छापा मारकर उसके कब्जे से 8 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।
उन्होंने बताया कि एक अन्य कार्रवाई में पुलिस को सूचना मिली थी कि दो नशा तस्कर अपनी वर्ना कार में हेरोइन की खेप की सप्लाई करने जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर सीआई अमृतसर की टीम ने अमृतसर-झबाल जीटी रोड पर नाकाबंदी कर वर्ना कार को रोक लिया, जिसमें मंगल सिंह और बलजीत सिंह सवार थे।
5 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई
वाहन की तलाशी के दौरान कार से 5 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। डीजीपी ने कहा कि दोनों मामलों में अन्य आरोपियों की पहचान करने तथा पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने के लिए आगे और पीछे के सभी संबंधों की गहन जांच की जा रही है।
इस संबंध में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), अमृतसर में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला मामला एफआईआर नंबर 42 दिनांक 06-07-2026, एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत तथा दूसरा मुकद्दमा एफआईआर नंबर 43 दिनांक 06-07-2026, एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत दर्ज किया गया है।