डेली संवाद, पठानकोट।
Punjab News: पंजाब में भीषण गर्मी और धान की रोपाई के चरम सीजन के चलते बिजली व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। बढ़ती बिजली मांग और विभिन्न इलाकों से मिल रही कटौती की शिकायतों के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए राज्यभर में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।
विभाग का दावा है कि इन कंट्रोल रूम के माध्यम से बिजली आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाएगा। पीएसपीसीएल ने हर जोनल कार्यालय के साथ-साथ पटियाला स्थित मुख्य कार्यालय में भी विशेष कंट्रोल रूम बनाए हैं। उपभोक्ता बिजली आपूर्ति बाधित होने, बिल संबंधी समस्या या अन्य तकनीकी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।
अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई
विभाग ने बताया कि शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की भी सलाह दी है। उपभोक्ता गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से PSPCL कंज्यूमर सर्विस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विभाग की ओर से जारी क्यूआर कोड को स्कैन कर भी यह ऐप डाउनलोड किया जा सकता है। यदि किसी उपभोक्ता को शिकायत के समाधान से संतुष्टि नहीं होती, तो वह उसी मोबाइल ऐप के माध्यम से दोबारा अपनी प्रतिक्रिया और शिकायत 1912 हेल्पलाइन पर भेज सकता है। इधर, बिजली कटौती को लेकर किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग
मंगलवार को किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर पंजाब के कई जिलों में किसानों ने बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन किए। किसानों ने पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पावरकॉम) के कार्यालयों के बाहर धरना देकर आरोप लगाया कि धान की बुवाई और सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। किसानों ने सरकार से कृषि क्षेत्र के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
बिजली संकट का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। राज्य के कई शहरों और कस्बों में घरेलू उपभोक्ताओं को भी लगातार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली जाने से लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
1,581 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा
इस बीच, सोमवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग नया रिकॉर्ड बनाते हुए 16,130 मेगावाट तक पहुंच गई। विभाग के अनुसार, यह इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग है। बढ़ते तापमान और धान की फसल के लिए लगातार सिंचाई की जरूरत के कारण बिजली की खपत में तेजी से वृद्धि हुई है। मांग पूरी करने के लिए पीएसपीसीएल को केंद्रीय पूल से निर्धारित सीमा से अधिक बिजली लेनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, पंजाब की निर्धारित ड्रॉअल सीमा 10,350 मेगावाट है, जबकि वर्तमान में राज्य लगभग 10,605 मेगावाट बिजली बाहरी ग्रिड से प्राप्त कर रहा है। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न ताप बिजलीघरों और अन्य स्रोतों से करीब 5,361 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। लहरा मोहब्बत संयंत्र से लगभग 556 मेगावाट, गोइंदवाल संयंत्र से 490 मेगावाट, रोपड़ ताप बिजलीघर से 520 मेगावाट, राजपुरा ताप बिजलीघर से 1,326 मेगावाट तथा तलवंडी साबो संयंत्र से 1,581 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
440 मेगावाट बिजली मिल रही
वहीं जलविद्युत परियोजनाओं से करीब 440 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसके बावजूद मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बना हुआ है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बढ़ती मांग और कुछ उत्पादन इकाइयों के प्रभावित होने के कारण अतिरिक्त बिजली बिजली एक्सचेंज से ऊंची कीमतों पर खरीदनी पड़ रही है। इससे निगम पर आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है।
बिजली विभाग का कहना है कि कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप के माध्यम से उपभोक्ताओं की समस्याओं का तेजी से समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो राज्यभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।