डेली संवाद, चंडीगढ़।
Toll Plaza Price Hike: पंजाब में लोगों को आज महंगाई का झटका लगा है। पंजाब में नेशनल हाईवे पर सफर करना अब और महंगा हो गया है। NHAI ने राज्य के 8 प्रमुख टोल प्लाजा की यूजर फीस में बढ़ोतरी कर दी है।
नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इनमें सबसे अधिक असर लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर देखने को मिला है, जहां करीब चार महीने के भीतर दूसरी बार टोल शुल्क बढ़ाया गया है। अब एक बार फिर कार, बस, ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहनों के लिए टोल शुल्क बढ़ा दिया गया है। अलग-अलग श्रेणियों में सिंगल जर्नी के लिए 10 से 60 रुपए तक की वृद्धि की गई है।
लाडोवाल टोल पर नई दरें
लाडोवाल टोल प्लाजा पर अब कार, जीप, वैन और अन्य लाइट मोटर व्हीकल चालकों को एकतरफा यात्रा के लिए 235 रुपए देने होंगे, जबकि पहले यह शुल्क 225 रुपए था। 24 घंटे के भीतर रिटर्न जर्नी करने पर अब 350 रुपए का भुगतान करना होगा।
छोटे कमर्शियल वाहन और मिनी बसों के लिए एकतरफा टोल 380 रुपए तथा रिटर्न जर्नी 570 रुपए कर दी गई है। दो एक्सल वाले बस और ट्रकों का एकतरफा शुल्क बढ़ाकर 795 रुपए और रिटर्न शुल्क 1,190 रुपए कर दिया गया है।
तीन एक्सल वाले कमर्शियल वाहनों के लिए एकतरफा टोल 865 रुपए और रिटर्न 1,300 रुपए होगा। मल्टी-एक्सल और भारी निर्माण मशीनरी वाले वाहनों का शुल्क बढ़ाकर 1,245 रुपए कर दिया गया है, जबकि सात या उससे अधिक एक्सल वाले ओवरसाइज्ड वाहनों को अब एकतरफा यात्रा के लिए 1,515 रुपए और रिटर्न के लिए 2,270 रुपए चुकाने होंगे।
इन 8 टोल प्लाजा पर भी बढ़ी फीस
लाडोवाल के अलावा कालाझर, लहराबेगा, कोट करोर, घुलाल, काला टिब्बा, खुइयां सरवर, शेखपुरा और पैंद टोल प्लाजा पर भी कारों के टोल में 5 से 10 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं बस, ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहनों की दरों में भी संशोधन किया गया है।
वहीं लाडोवाल टोल का मासिक पास अब बढ़कर 7,815 रुपए हो गया है, जिससे नियमित यात्रियों का खर्च और बढ़ जाएगा। हालांकि, टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय गैर-व्यावसायिक वाहन मालिकों को राहत दी गई है। उनके लिए मासिक पास की दर 360 रुपए ही रखी गई है। इसके अलावा लुधियाना में पंजीकृत कमर्शियल वाहनों के लिए भी विशेष रियायती टोल व्यवस्था जारी रहेगी।
क्यों बढ़ाए गए टोल रेट?
NHAI के अनुसार, पंजाब और हरियाणा के 50 से अधिक टोल प्लाजा पर यूजर फीस में संशोधन किया गया है। यह बढ़ोतरी थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर यूजर फीस की नई गणना और 1.641 लिंकिंग फैक्टर को फिर से लागू किए जाने के बाद की गई है। इसी वजह से विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के टोल शुल्क में संशोधन किया गया है।