डेली संवाद, नई दिल्ली।
India UK Trade News: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आज यानी 15 जुलाई से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के लागू होने के बाद भारत में UK से आयात होने वाली कई प्रमुख वस्तुएं जैसे कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर पहले की तुलना में सस्ते मिलने की संभावना है। वहीं भारतीय निर्यातकों के लिए भी UK का बाजार और अधिक खुल जाएगा, जिससे देश के निर्यात और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India UK Free Trade Agreement) के तहत अब भारत के 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन में जीरो टैरिफ (Zero Tariff) पर निर्यात किया जाएगा। दूसरी ओर, UK के 99 प्रतिशत उत्पादों पर भारत में औसतन केवल 3 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
120 बिलियन अमेरिकी डॉलर बिजनेस
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते के चलते 2030 तक भारत और UK के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर लगभग 120 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और कृषि जैसे कई क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। भारतीय MSME और निर्यातकों के लिए भी यह समझौता नए अवसर लेकर आएगा।
इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप देने में करीब तीन वर्षों तक 14 दौर की बातचीत हुई। इसके बाद 24 जुलाई 2025 को भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
लिंडी कैमरन ने जताई खुशी
समझौते के लागू होने से पहले भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुशी जताते हुए लिखा, "उल्टी गिनती शुरू हो गई है। UK और भारत इस बात पर सहमत हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा। यह आधुनिक UK-भारत साझेदारी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास के नए युग की शुरुआत करेगा।"
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस समझौते से भारतीय उपभोक्ताओं को कई ब्रिटिश उत्पाद अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध होंगे, जबकि भारतीय कंपनियों को UK के बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। यह FTA निवेश, रोजगार सृजन, तकनीकी सहयोग और आर्थिक साझेदारी को भी नई मजबूती देगा।