डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान सदर थाना, मोरिंडा में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (ए.एस.आई.) अवतार सिंह को 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो (Vigilance Bureau) के प्रवक्ता ने बताया कि उपरोक्त आरोपी को गांव चतामला, तहसील मोरिंडा, जिला रोपड़ के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
वक्फ बोर्ड से लीज पर ली थी जमीन
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता खेती का काम करता है। उसके दिवंगत पिता ने वक्फ बोर्ड से 99 साल की लीज पर लगभग 6 एकड़ जमीन ली थी, जिस पर अब वह खेती कर रहा है। विवाद तब शुरू हुआ जब दूसरे पक्ष के तेजपाल सिंह ने इस जमीन के एक हिस्से पर जबरन खेती कर ली और दो एकड़ मक्के की फसल बर्बाद कर दी।
इस संबंध में शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने दूसरे पक्ष तेजपाल सिंह की अर्जी पर कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता और उसकी मां के खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया। इस मामले की जांच आरोपी ए.एस.आई. अवतार सिंह द्वारा की जा रही थी।
प्रवक्ता ने बताया कि ए.एस.आई. अवतार सिंह ने केस में से शिकायतकर्ता की मां का नाम निकालने के बदले 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। अनुरोध करने पर ए.एस.आई. अवतार सिंह 35,000 रुपये रिश्वत लेने के लिए राजी हो गया। उसने शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर 5,000 रुपये पहले ही ले लिए थे और बाकी बचे 30,000 रुपये देने के लिए कहा था।
रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार
शिकायतकर्ता रिश्वत की बाकी रकम नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो फ्लाइंग स्क्वाड, एस.ए.एस. नगर से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी ए.एस.आई. को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना एस.ए.एस. नगर में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।