डेली संवाद, होशियारपुर। Hoshiarpur Highway News: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टांडा से होशियारपुर तक बन रहे करीब 28 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई ने थर्ड पार्टी एजेंसी से निर्माण सामग्री की जांच कराने के साथ एक विशेष समिति का भी गठन किया है।
एनएचएआई के अनुसार, जब तक थर्ड पार्टी की जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती और गठित समिति की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य कर रही ठेका फर्म को भुगतान नहीं किया जाएगा। फिलहाल ठेकेदार के बिल का 20 प्रतिशत भुगतान रोक दिया गया है।
स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
हाल ही में हाईवे पर डाली गई बीएम (Bituminous Macadam) की परतों को लेकर स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। शिकायत मिलने के बाद एनएचएआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र जांच कराने का फैसला किया।
प्रोजेक्ट निदेशक (पीडी) संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि थर्ड पार्टी की टीम सड़क से सैंपल लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज चुकी है। रिपोर्ट आने के बाद समिति उसकी समीक्षा करेगी और संतोषजनक पाए जाने पर ही रोकी गई राशि का भुगतान किया जाएगा।
कमी मिलने पर ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
एनएचएआई ने ठेका फर्म को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में सड़क निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी खामी या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो उसे अपने खर्च पर सड़क को दोबारा ठीक करना होगा। इसके अलावा ठेकेदार पर नियमानुसार जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि मानसून समाप्त होने और मौसम अनुकूल होने के बाद सड़क पर प्रीमिक्स (Premix Carpet) की अंतिम परत बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
एनएचएआई का कहना है कि परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और तय मानकों के अनुसार ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।