चंडीगढ़, 24 अगस्त। Punjab News: पंजाब को IT और टेक्नोलॉजी सेक्टर में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को चंडीगढ़ में नैसकॉम (NASSCOM) के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोहाली जल्द ही AI, डिजिटल इनोवेशन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के लिए प्रमुख IT हब के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन, कम कारोबारी लागत और निवेश के अनुकूल नीतियां मौजूद हैं। सरकार की 'इन्वेस्ट पंजाब' पहल और नई GCC नीति 2026 के माध्यम से राज्य में निवेश करने वाली कंपनियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल से हुई अहम बैठक
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि पंजाब को IT क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से नैसकॉम के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब अब AI, डिजिटल इनोवेशन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के लिए तेजी से पसंदीदा स्थान बन रहा है।
उन्होंने कहा कि मोहाली IT सिटी, बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक होने के कारण उत्तर भारत में टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बन रहा है।
कंपनियों के लिए मजबूत इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहाली और ट्राइसिटी क्षेत्र में इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट क्षेत्र के विशेषज्ञों का बड़ा टैलेंट पूल उपलब्ध है। मोहाली और इसके आसपास स्थित प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और संस्थान कंपनियों को प्रशिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भगवंत मान ने कहा कि कुशल मानव शक्ति, बेहतर बुनियादी ढांचा और मजबूत कनेक्टिविटी का यह संयोजन ग्लोबल कंपनियों को पंजाब में अपने कार्यालय और विशेष टीमें स्थापित करने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध करा रहा है।
साझेदारी का न्योता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नैसकॉम को मोहाली में अत्याधुनिक स्टार्टअप इन्क्यूबेटर स्थापित करने में पंजाब सरकार के साथ साझेदारी करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब टेक्नोलॉजी आधारित बदलाव पर फोकस कर रहा है और अगली पीढ़ी के औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए नई तकनीकों और उभरते मॉडल का लाभ उठाया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र में AI के इस्तेमाल पर भी जोर
भगवंत मान ने बताया कि पंजाब में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, IIT रोपड़ और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
इस सहयोग के तहत स्मार्ट फार्मिंग मॉडल और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सके।
कंपनियों की बढ़ रही रुचि
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां पंजाब और विशेष रूप से मोहाली में निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि मोहाली में हवाई, रेल और सड़क संपर्क के साथ-साथ उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षण संस्थान और भूमि की उपलब्धता मौजूद है।
उन्होंने कहा कि ये सभी सुविधाएं मोहाली को ग्लोबल कंपनियों, IT फर्मों और टेक्नोलॉजी आधारित निवेश के लिए बेहतर विकल्प बनाती हैं।
Right to Business Act का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने ऐतिहासिक Right to Business Act लागू किया। इसका उद्देश्य उद्यमियों के लिए कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की सिंगल विंडो प्रणाली और डिजिटलीकृत सार्वजनिक सेवाओं ने कारोबार को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार का लक्ष्य है कि कंपनियों के लिए पंजाब में निवेश करना, कारोबार शुरू करना और उसका विस्तार करना आसान बनाया जाए।
युवाओं के लिए पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार निवेश इकोसिस्टम को मजबूत करने और टेक्नोलॉजी आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। IT और डिजिटल सेक्टर में निवेश बढ़ने से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब में नया निवेश लाना, युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना और राज्य को AI, डिजिटल इनोवेशन तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य और निवेश प्रोत्साहन मंत्री अमन अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।