डेली संवाद, चंडीगढ़। ED News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह की सजा सुनिश्चित कराई है। यह मामला 1.230 किलोग्राम कोकीन की तस्करी से संबंधित है और इसमें Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत कार्रवाई की गई।
ED के मुताबिक, यह कार्रवाई अवैध ड्रग तस्करी को आर्थिक रूप से समर्थन देने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में एजेंसी के प्रयासों का हिस्सा है।
1.230 किलो कोकीन की तस्करी से जुड़ा मामला
यह मनी लॉन्ड्रिंग केस 1.230 किलोग्राम कोकीन की अवैध तस्करी से जुड़े मामले से सामने आया था। जांच के दौरान कथित तौर पर ड्रग तस्करी से जुड़े आर्थिक लेनदेन और उससे अर्जित अपराध की आय की पड़ताल की गई।

ED ने PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत मामले में कार्रवाई की और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह की सजा सुनिश्चित
ED के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने बताया कि दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी ठहराया गया है और उनकी conviction सुनिश्चित हुई है।
एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध ड्रग कारोबार से होने वाली कमाई और उसे वैध वित्तीय व्यवस्था में इस्तेमाल किए जाने की कोशिशों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई।
ड्रग तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर ED की नजर
प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि ड्रग तस्करी केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक वित्तीय नेटवर्क भी काम करता है। ऐसे मामलों में ED का फोकस अवैध गतिविधियों से जुड़े धन और अपराध की आय का पता लगाने पर रहता है।
इस मामले में भी ED की कार्रवाई का उद्देश्य ड्रग तस्करी को आर्थिक रूप से मदद पहुंचाने वाले वित्तीय तंत्र को बाधित करना है।

PMLA के तहत कार्रवाई
मामले में Prevention of Money Laundering Act, 2002 के तहत कार्रवाई की गई। ED ने कहा कि ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में एजेंसी अवैध कमाई के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर लगातार नजर रख रही है।
ED के अनुसार, दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह की conviction इस दिशा में एजेंसी के प्रयासों को मजबूत करती है।