डेली संवाद, नई दिल्ली। IndiGo Flight Fare Hike: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट है। एयरलाइन ने बढ़ती एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों के चलते घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने का फैसला किया है। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12:01 बजे से लागू होंगी।
इंडिगो के इस फैसले के बाद यात्रियों को हवाई टिकट के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ेगा। घरेलू उड़ानों पर दूरी के हिसाब से ₹150 से लेकर ₹1,300 तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा, जबकि इंटरनेशनल उड़ानों पर यह चार्ज ₹10,000 तक पहुंच सकता है।
छह महीने में तीसरी बार बढ़ा फ्यूल सरचार्ज
इंडिगो ने पिछले छह महीनों में तीसरी बार फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इससे पहले एयरलाइन ने 14 मार्च और 1 अप्रैल 2026 को भी किराए में बढ़ोतरी की थी।
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एयरलाइन का कहना है कि लगातार बढ़ रही जेट फ्यूल की कीमतों का सीधा असर एयरलाइन के ऑपरेशनल खर्च पर पड़ रहा है। इसी वजह से यात्रियों से अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लेने का फैसला किया गया है।
1 अक्टूबर से ATF की कीमत में बड़ा इजाफा
इंडिगो के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से ATF की कीमत ₹121 प्रति लीटर से बढ़कर करीब ₹137 प्रति लीटर हो गई है। यानी एक लीटर जेट फ्यूल की कीमत में करीब ₹16 का इजाफा हुआ है। यह लगभग 13.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
पिछले तीन महीनों में जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
अगस्त 2026: ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
सितंबर 2026: ₹6.28 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
अक्टूबर 2026: ₹16 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
इस तरह तीन महीनों में ATF की कीमत करीब ₹27.28 प्रति लीटर बढ़ चुकी है।
घरेलू उड़ानों पर ₹1,300 तक अतिरिक्त चार्ज
इंडिगो ने घरेलू उड़ानों के लिए अलग-अलग दूरी के आधार पर फ्यूल चार्ज तय किया है। लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों में यात्रियों को अधिकतम ₹1,300 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
वहीं, इंटरनेशनल फ्लाइट्स में दूरी और रूट के हिसाब से अतिरिक्त चार्ज लगाया जाएगा, जो कुछ उड़ानों में ₹10,000 तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में यात्रियों के लिए हवाई यात्रा का कुल खर्च और बढ़ सकता है।
एयरलाइंस के खर्च में जेट फ्यूल की बड़ी हिस्सेदारी
एविएशन इंडस्ट्री में जेट फ्यूल एयरलाइंस के सबसे बड़े खर्चों में से एक है। एयरलाइन कंपनियों के कुल ऑपरेशनल खर्च में फ्यूल की हिस्सेदारी करीब 30 से 40 प्रतिशत तक बताई जाती है।
ऐसे में ATF की कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी का सीधा असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ता है। कंपनियां इस अतिरिक्त खर्च को कम करने के लिए टिकट की कीमतों में फ्यूल सरचार्ज जोड़ रही हैं।
दुनियाभर की एयरलाइंस पर बढ़ती लागत का असर
जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल भारतीय एयरलाइंस तक सीमित नहीं है। दुनियाभर की कई एयरलाइन कंपनियां बढ़ती ईंधन लागत के कारण अपने वित्तीय अनुमानों की समीक्षा कर रही हैं।
Air New Zealand और Qantas जैसी बड़ी एयरलाइंस ने भी बढ़ती लागत का असर यात्रियों तक पहुंचने की बात कही है।
यात्रियों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
इंडिगो के नए फ्यूल चार्ज से हवाई यात्रियों का बजट प्रभावित होगा। खासकर लंबी दूरी की घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों में टिकट की कुल कीमत में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
ATF की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी जारी रहती है तो एयरलाइन कंपनियों की ओर से किराए में और बदलाव किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।