डेली संवाद, पठानकोट।
Punjab News: पठानकोट और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण सीमावर्ती इलाकों में हालात बिगड़ने लगे हैं। पठानकोट के संवेदनशील बामियाल सेक्टर में बहने वाला जलालिया दरिया उफान पर आ गया है।
जलस्तर बढ़ने से दरिया का पानी खेतों और मुख्य रास्तों तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पठानकोट से बामियाल को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है। इसके चलते सीमा से सटे 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क शहर से कट गया है।
फसलें जलमग्न हुई
वहीं, बारिश और जलभराव के कारण सीमा सुरक्षा बल (BSF) की कुछ चौकियों तक पहुंच भी प्रभावित हुई है। दरिया का पानी खेतों में पहुंचने से बड़ी मात्रा में धान और अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं। किसानों को ट्यूबवेल, पानी की मोटरों और खेतों में लगे महंगे सोलर सिस्टम के खराब होने का डर सता रहा है।
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पठानकोट के जलालिया दरिया में उफान[/caption]
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल भी बाढ़ के कारण उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा था और इस बार जुलाई में ही हालात चिंताजनक हो गए हैं। किसानों ने आशंका जताई है कि अगर जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो पानी रिहायशी इलाकों तक भी पहुंच सकता है।
वहीं दरिया किनारे रहने वाले लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदली। उन्होंने बताया कि करीब 60 फीट लंबी पुली का निर्माण भी एक साल बाद पूरा नहीं हो पाया है, जिससे बारिश के मौसम में लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।