डेली संवाद, तरनतारन।
Punjab News: पंजाब सरकार की 'मावां धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता के रजिस्ट्रेशन में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। तरनतारन जिले में एक ही बैंक खाते को 62 अलग-अलग महिलाओं के आवेदन से जोड़ने का आरोप लगा है।
मामला खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के गांव भैल ढाएवाला का बताया जा रहा है। यहां तैनात आंगनवाड़ी वर्कर जतिंदर कौर पर आरोप है कि महिलाओं के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान एक ही बैंक खाता नंबर को कई लाभार्थियों के प्रोफाइल से जोड़ दिया गया।
निजी बैंक खाता नंबर दर्ज किया
जांच में सामने आया कि आंगनवाड़ी वर्कर ने अपना ऑनलाइन लॉगिन पासवर्ड कथित तौर पर अपने बेटे गुरबाज सिंह के साथ साझा किया था। आरोप है कि गुरबाज सिंह ने घर-घर जाकर योजना के तहत महिलाओं के आवेदन करवाए और 62 महिलाओं के फॉर्म में अपना निजी बैंक खाता नंबर दर्ज कर दिया।
[caption id="attachment_8279" align="aligncenter" width="1200"]
Fraud[/caption]
मामले का खुलासा ऑनलाइन आवेदनों की जांच के दौरान हुआ। अधिकारियों ने समय रहते गड़बड़ी पकड़ ली और सभी 62 लाभार्थियों के भुगतान पर रोक लगा दी। चोहला साहिब की चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) नवेक्ता कुवरा ने गोइंदवाल साहिब पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आंगनवाड़ी वर्कर ने ऑनलाइन डेटा एंट्री का काम अपने बेटे को सौंप दिया था, जिसके बाद कथित तौर पर योजना की राशि हासिल करने के उद्देश्य से गलत बैंक खाता दर्ज किया गया।
दोनों आरोपी फरार
CDPO ने बताया कि इस गड़बड़ी का पता चंडीगढ़ मुख्यालय के अधिकारियों द्वारा किए गए सत्यापन के दौरान चला। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आंगनवाड़ी वर्कर और उसका बेटा फरार बताए जा रहे हैं।