डेली संवाद, लुधियाना।
Punjab News: शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन स्थित चार खंभा चौक पर मॉर्निंग वॉक के दौरान 53 वर्षीय हरप्रीत कौर की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस जांच के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के समय स्विफ्ट डिजायर कार चला रहा आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि अब्दुल्लापुर बस्ती का रहने वाला 12वीं कक्षा का छात्र है।
पुलिस (Police) के अनुसार आरोपी खाली सड़क पर तेज रफ्तार में कार चलाकर स्टंट और सोशल मीडिया (Social Media) के लिए रील (Reel) बनाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसकी लापरवाही ने एक महिला की जान ले ली, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह हरप्रीत कौर अपनी सहेली प्रीति (50) के साथ सड़क किनारे मॉर्निंग वॉक कर रही थीं।
तभी तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने पीछे से दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रीति दूर जा गिरीं, जबकि हरप्रीत कौर कार के नीचे फंस गईं। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार चालक ने गाड़ी रोकने की बजाय एक्सीलेटर दबा दिया, जिससे कार का पहिया महिला के सिर और सीने के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल हरप्रीत कौर को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं प्रीति का इलाज अस्पताल में जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी छात्र हादसे के समय सड़क पर स्टंटबाजी कर रहा था। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हादसे की भयावह तस्वीरें कैद हैं। पुलिस का कहना है कि यह वीडियो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होगा।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि हादसे के बाद आरोपी के पिता ने बेटे को बचाने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक दुर्घटना में कार का अगला शीशा टूट गया था, जिसे तुरंत दुगरी इलाके की एक दुकान पर बदलवा दिया गया। इसके बाद कार को पुलिस की पहुंच से दूर रखने के लिए राजस्थान भेज दिया गया, ताकि वाहन की पहचान न हो सके और जांच प्रभावित हो।
मामले की जांच में मृतका के परिजनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हरप्रीत कौर के भतीजे दीप ने निजी स्तर पर वाहन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जानकारियां जुटाईं। जांच में पता चला कि दुर्घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार अब तक सात बार खरीदी और बेची जा चुकी थी तथा आरोपी इसका आठवां मालिक था। इसके बाद वाहन के फास्टैग रिकॉर्ड की जांच की गई, जिससे पता चला कि हादसे के बाद कार कई टोल प्लाजा से होकर राजस्थान पहुंची थी। यह जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई।
परिजनों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान से कार बरामद कर ली और आरोपी छात्र को अब्दुल्लापुर बस्ती से गिरफ्तार कर लिया। बरामद वाहन को आगे की जांच के लिए लुधियाना लाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फास्टैग डेटा, सीसीटीवी फुटेज और हादसे की लाइव वीडियो को अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा।
हरप्रीत कौर शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखती थीं। उनके पति प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े हैं। परिवार की इकलौती बेटी की कुछ समय पहले ही शादी हुई थी और घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। थाना मॉडल टाउन पुलिस ने आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के बाद सबूत छिपाने और वाहन को दूसरे राज्य भेजने में आरोपी के पिता की क्या भूमिका रही। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।