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ED Raid: पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी; 4.01 करोड़ फ्रीज, जाने पूरा मामला

PSIEC औद्योगिक प्लॉट आवंटन घोटाले में ED ने पंजाब और चंडीगढ़ के 11 ठिकानों पर तीन दिन तक छापेमारी की। कार्रवाई में ₹12.15 लाख नकद बरामद हुए, जबकि दो पूर्व अधिकारियों के करीब ₹4.01 करोड़ फ्रीज किए गए।

ED Raid: पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी; 4.01 करोड़ फ्रीज, जाने पूरा मामला
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डेली संवाद, चंडीगढ़। ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) में करोड़ों रुपये के औद्योगिक प्लॉट आवंटन घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ED ने पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने 12.15 लाख रुपये की अघोषित नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं।

ED के मुताबिक, PSIEC के तत्कालीन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और कथित व्यावसायिक सहयोगियों को कीमती औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए। जांच एजेंसी अब इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है।

3 दिनों तक चला ED का सर्च ऑपरेशन

प्रवर्तन निदेशालय ने 4, 5 और 6 अगस्त 2026 को लगातार तीन दिनों तक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। ED की टीमें चंडीगढ़, अमृतसर, गुरदासपुर और लुधियाना में स्थित 11 परिसरों में पहुंचीं।

इसके साथ ही जांच एजेंसी ने PSIEC के मुख्य कार्यालय में सर्वेक्षण की कार्रवाई भी की। तलाशी के दौरान अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को खंगाला गया।

अधिकारियों के करीबियों को प्लॉट बांटने का आरोप

जांच के केंद्र में कथित तौर पर PSIEC के तत्कालीन अधिकारियों द्वारा औद्योगिक प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया है। आरोप है कि सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए कुछ कीमती प्लॉट अधिकारियों के रिश्तेदारों, दोस्तों और व्यावसायिक सहयोगियों के नाम पर आवंटित किए गए।

ED इस बात की जांच कर रही है कि इन कथित अनियमितताओं से किसी प्रकार की अवैध संपत्ति या धन का निर्माण हुआ या नहीं और क्या इस रकम को वैध दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई।

दो पूर्व अधिकारियों के 4.01 करोड़ रुपये फ्रीज

ED की कार्रवाई में PSIEC के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के बैंक खातों में जमा रकम भी जांच के दायरे में आई है। जांच एजेंसी ने सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक (CGM) सुरिंदर पाल सिंह और सेवानिवृत्त महाप्रबंधक जसविंदर सिंह रंधावा से जुड़े बैंक खातों में जमा करीब 4.01 करोड़ रुपये फ्रीज किए हैं।

इसके अलावा, विभिन्न ठिकानों से 12.15 लाख रुपये की अघोषित नकदी बरामद की गई है। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी मिले हैं।

हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और मोबाइल जब्त

ED की टीमों ने कार्रवाई के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी कब्जे में लिए हैं। इनमें हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन शामिल बताए गए हैं। इन डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के जरिए कथित प्लॉट आवंटन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जा रहे हैं।

ED की इस कार्रवाई से PSIEC के कथित प्लॉट आवंटन मामले में जांच और तेज होने की संभावना है। हालांकि, मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर होगी।