डेली संवाद, नेपाल। Nepal Flood: तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है जिसके चलते 17 लोगों की मौत और 384 लापता लोग लापता हो गए है जिसमें भारतीय भी शामिल है।
तिब्बत सीमा से सटे नेपाल (Nepal) के रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों में अचानक आए पानी के सैलाब ने कई गांवों, सड़कों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को तबाह कर दिया है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, अब तक 17 लोगों की मौत की खबर है। वहीं यह आकंड़ा बढ़ सकता है।
बड़ी संख्या में लोग लापता
वहीं बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, 384 लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 291 विदेशी पर्यटक हैं जिसमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

नेपाल में आई इस तबाही का असर भारत के सीमावर्ती राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश पर भी दिखने लगा है, दोनों राज्यों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए 14 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।
हालांकि, टिमुरे में स्थानीय हेलीपैड के बह जाने के कारण राहत टीमों को उतरने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। आपातकालीन सहायता के लिए नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर (1234, 1144, और 9851289445) जारी किए हैं।
ग्लेशियल झील फटने की आशंका
नेपाल के स्थानीय प्रशासन के अनुसार रसुवा में पिछले 24 घंटे में 7 मिमी से ज्यादा बारिश नहीं हुई, इसलिए बाढ़ की वजह स्थानीय बारिश नहीं मानी जा रही। अधिकारियों को शक है कि तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने (GLOF) से अचानक पानी भोटे कोशी में आया।

ICIMOD-UNDP की 2020 की स्टडी के मुताबिक, भोटे कोशी बेसिन में 122 ग्लेशियल झीलें हैं। कौन-सी झील फटी, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है; सैटेलाइट इमेज और तकनीकी जांच से स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
बिहार में अलर्ट जारी
बिहार में आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। कोसी, बागमती और गंडक के कैचमेंट इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात की जा रही हैं।

गोपालगंज में NDRF टीम भेजी जाएगी, मुजफ्फरपुर में टीम स्टैंडबाय रहेगी और बेतिया में करीब 2 घंटे में टीम की तैनाती की जाएगी। जरूरत पड़ने पर नाव, शेल्टर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी की जाएगी।