डेली संवाद, बाड़मेर/राजस्थान।
Fire in Refinery: राजस्थान (Rajasthan) के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे भीषण आग लग गई। जानकारी के अनुसार यह आग कच्चे तेल को शुद्ध करने वाली दो प्रमुख यूनिट—क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU)—में लगी।
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Fire breaks out at HPCL refinery in Rajasthan[/caption]
3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया
घटना के बाद रिफाइनरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को तत्काल खाली करा लिया गया।बताया जा रहा है कि यूनिट से धुआं उठता देख कर्मचारियों ने तुरंत फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब 2 से 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान यूनिट से लगातार लपटें उठती रहीं, जिससे स्थिति काफी गंभीर बनी रही।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है। हालांकि, आग लगने के कारणों और वास्तविक नुकसान का आकलन अभी किया जाना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह आग बुझने के बाद ही विस्तृत जांच संभव होगी।
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Fire breaks out at HPCL refinery in Rajasthan[/caption]
रिफाइनरी करीब 4500 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई
यह रिफाइनरी करीब 4500 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है और इसकी लागत लगभग 79,459 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यहां सालाना 9 मिलियन टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है। इस रिफाइनरी में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से पाइपलाइन के जरिए कच्चा तेल लाया जाता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस रिफाइनरी का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा मंगलवार को प्रस्तावित था, लेकिन इस घटना के बाद उनका दौरा स्थगित कर दिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब पूरी घटना की गहन जांच में जुट गई हैं।
जहां प्रधानमंत्री बटन दबाने वाले थे, उसी यूनिट में आग लगी
बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा-जहां कल प्रधानमंत्री आकर बटन दबाने वाले थे और उद्घाटन करने वाले थे, उस यूनिट में आग लगी है। ये बहुत बड़ी घटना है, इसमें कहीं न कहीं सुरक्षा में चूक हुई है। ये बहुत बड़ी लापरवाही है। अधिकारियों ने ठीक से जांच नहीं की। हो सकता है किसी राजनीतिक दबाव में अनुभवहीन कंपनी को काम दिया है, जिसने काम ठीक से नहीं किया।
रिफाइनरी शुरू करने से पहले परमिशन और सर्टिफिकेशन कंपनी की एजेंसी की भी त्रुटि रही होगी, कि उसने ठीक ढंग से जांच नहीं की। अधिकारियों की सतर्कता की वजह से आग पर काबू पा लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वो पता कर रहे हैं कि घटना किस वजह से हुई। घटना में दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।