डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक मामला जालंधर में सामने आया है। फाजिल्का निवासी एक किसान परिवार ने इमीग्रेशन एजेंट पर ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर करीब 11.5 लाख रुपये लेने और बाद में रकम वापस न करने का आरोप लगाया है।
मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकाग्र/कड़ियां) ने पीड़ित परिवार के समर्थन में इमीग्रेशन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार के अनुसार वह अपने बेटे को ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहते थे। परिवार का दावा है कि उनके पास करीब 32 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और लोन की व्यवस्था भी थी। इसके बावजूद इमीग्रेशन प्रक्रिया के दौरान फाइल में कमियां बताकर उनसे अलग-अलग मदों में रकम ली गई।
परिवार का आरोप है कि गुजराल इमीग्रेशन (Gujral Immigration) के माध्यम से प्रोसेसिंग और दस्तावेजी प्रक्रिया के नाम पर करीब 11.5 लाख रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए गए। उन्हें जल्द वीजा मिलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी वीजा नहीं आया।
तारीख पर तारीख देने का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि करीब छह महीने से एक साल तक वे इमीग्रेशन कार्यालय के चक्कर लगाते रहे। जब वीजा की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की। परिवार के मुताबिक, एजेंट की ओर से बार-बार अलग-अलग तारीखें दी जाती रहीं।
पीड़ितों का दावा है कि 28 तारीख को रकम लौटाने का समय तय हुआ था, लेकिन उस दिन भी पैसे वापस नहीं किए गए। इसके बाद कार्यालय बंद मिला। परिवार ने आरोप लगाया कि संपर्क करने पर एजेंट ने खुद को दिल्ली में होने की बात कही, जबकि उन्हें उसकी लोकेशन जालंधर में होने की जानकारी मिली।
किसान यूनियन ने कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह संधू के नेतृत्व में किसान यूनियन के सदस्य इमीग्रेशन कार्यालय के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित एजेंट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान यूनियन और पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी रकम वापस नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन की ओर से संबंधित एजेंट के आवास के बाहर धरना देने की बात भी कही गई है।