डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर कैंट के दीप नगर-रहमानपुर रोड पर सेंट जोसेफ स्कूल के पास करीब 5 एकड़ कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी काट कर एक पार्षद ने नगर निगम के खजाने को लाखों रुपए का चूना लगाया है। इसकी शिकायत मेयर और कमिश्नर से की गई है।
दल बदलू पार्षद ने काटी अवैध कालोनी
जालंधर कैंट हलके के एक दल बदलू पार्षद ने वार्ड-14 में अवैध कालोनी काट दी। इसकी शिकायत वार्ड-14 के AAP पार्षद गुरमिंदर सिंह मोंटू ने मेयर वनीत धीर और निगम कमिश्नर सुरिंदर सिंह से की है।
वार्ड-14 के पार्षद गुरमिंदर सिंह मोंटू ने शिकायत में कहा है कि दूसरे वार्ड के एक पार्षद ने उनके वार्ड में आकर अवैध रूप से कालोनी काट दी है। यही नहीं, उक्त अवैध कालोनी में पानी और सीवरेज का कनैक्शन भी किया जा रहा है।

जान से मारने की धमकी
गुरमिंदर सिंह मोंटू का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत मेयर और कमिश्नर से की तो उक्त अवैध कालोनी काटने वाले दूसरे पार्षद ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस कमिश्नर से की है।
गुरमिंदर सिंह मोंटू ने बताया कि जालंधर कैंट के दीप नगर-रहमानपुर रोड पर सेंट जोसेफ स्कूल के पास करीब 5 एकड़ कृषि भूमि का CLU करवाए बिना ही अवैध कॉलोनी काटी गई है। मौके पर सड़कें बनाने और प्लॉट काटे गए हैं।
3.50 लाख रुपये तक प्लॉट बेचने का आरोप
शिकायत के अनुसार, अवैध कॉलोनी में 3.50 लाख रुपये प्रति मरला के हिसाब से प्लाट बेचा जा रहा है। यही नहीं, मुख्य सड़क की तरफ करीब 13 से 14 कमर्शियल प्लॉट काटा गया है, जिसमें दुकानें और शोरूम बनाए जा रहे हैं।
अवैध कालोनी काटने वाला पार्षद लोगों को झांसा देकर प्लाट बेच रहा है। खरीदारों को अवैध कॉलोनी के पास होने और प्लॉट की रजिस्ट्री में किसी तरह की परेशानी नहीं आने का भरोसा दिया जा रहा है।

डिप्टी मेयर ने कहा- अवैध कॉलोनी नहीं काटने देंगे
जालंधर के डिप्टी मेयर मलकीत सिंह ने कहा कि शहर में अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पार्षद की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
डिप्टी मेयर के मुताबिक, यदि नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी विकसित किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
CLU और लेआउट प्लान की जांच की मांग
शिकायत में नगर निगम और संबंधित विभागों से यह जांचने की मांग की गई है कि कृषि भूमि पर कॉलोनी विकसित करने के लिए जरूरी CLU, लेआउट प्लान और अन्य विभागीय मंजूरियां ली गई हैं या नहीं।
फिलहाल मामले में विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। रिकॉर्ड की जांच और मौके की रिपोर्ट से पता चलेगा कि संबंधित जमीन पर कॉलोनी विकसित करने के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति ली गई थी या नहीं।