Skip to content

Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर फिर फटी विशाल झील, गांव खाली कराने के आदेश, रेस्क्यू ऑपरेशन रुका

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बनी एक और झील फट गई है। यह झील चोचेन नदी और पुरेपु सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। चीन ने इसके फटने की आशंका एक दिन पहले ही जताई थी।

Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर फिर फटी विशाल झील, गांव खाली कराने के आदेश, रेस्क्यू ऑपरेशन रुका
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, नेपाल। Nepal Flood: तिब्बत की ओर स्थित पानी का बांध एक बार फिर टूट गया है। इस घटना के बाद नदी बेसिन के निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बनी एक और झील फट गई है। यह झील चोचेन नदी और पुरेपु सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। चीन ने इसके फटने की आशंका एक दिन पहले ही जताई थी।

पानी का स्तर बढ़ने लगा

झील फटने के बाद पानी का स्तर बढ़ने लगा है। खतरे की वजह से के रसुवा जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन 90 मिनट के लिए रोक दिया गया है। नदी के रास्ते में आने वाले गांव खाली कराए जा रहे हैं। लोगों और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है।

nepal.jpg

इस बीच चीन ने भी तिब्बत में राहत और बचाव अभियान रोक दिया है और लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। दोबारा बाढ़ आने के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मीडिया पोर्टल ऑनलाइन खबर के अनुसार, रसुवा जिले के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने भी इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।

भारी तबाही मचने की आशंका

यह विशाल झील चीन में चोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी थी। जानकारी के अनुसार, चोचेन खोला और पुरेपु को त्रिशूली नदी प्रणाली की ऊपरी सहायक नदियों के रूप में जाना जाता है। झील टूटने के कारण इन नदियों का पानी तेजी से त्रिशूली नदी में आ रहा है, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और आसपास के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचने की आशंका है।

इसी वजह से त्रिशूली नदी के किनारे बसे सभी गांवों और बस्तियों को खाली करने और सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है। बता दे कि बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 478 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।